यूपी की पूर्व सीएम और बसपा की प्रमुख मायावती ने एक बार फिर भतीजे आकाश आनंद से अपना उत्तराधिकार छीन लिया है और उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटा दिया है। इसके साथ ही दो नए नेशनल को-आर्डिनेटरों की नियुक्ति की है। आकाश की जगह उनके पिता और बसपा के महासचिव रहे आनंद कुमार और सांसद (राज्यसभा) राम जी गौतम को नेशनल कोआर्डिनेटर बनाया गया है। इसके साथ ही मायावती ने यह भी कहा है कि अब मैंने खुद भी यह फैसला लिया है कि मेरे जीते जी व मेरे आखिरी सांस तक भी अब पार्टी में मेरा कोई भी उत्तराधिकारी नहीं होगा।
पहले ही माना जा रहा था कि रविवार की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मायावती अपने निर्णयों से चौंका सकती हैं। सुबह 11 बजे के करीब शुरू हुई इस बैठक में बसपा सुप्रीमो मायावती के अलावा, पार्टी नेता और उनके भाई आनंद, राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा आदि मौजूद रहे। हालांकि मायावती के भतीजे आकाश आनंद नजर नहीं आए। बसपा, पिछले लगभग एक दशक से हाशिए पर चल रही है। उन्होंने आकाश आनंद को 2022 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी दी थी।
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10 दिसम्बर 2023 को आकाश आनंद को उन्होंने अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। पिछले साल मई में लोकसभा चुनाव के दौरान विवादित भाषण देने पर उन्होंने आकाश को अपरिपक्व बताते हुए सभी पदों से हटा दिया था। हालांकि कुछ दिन बाद ही जून महीने की 23 तारीरख को उन्होंने बसपा की बैठक में आकाश आनंद को फिर से नेशनल कोआर्डिनेटर बनाने का ऐलान किया था। इसके साथ यह माना जा रहा था कि आकांश ही उनके उत्तराधिकारी हैं।
फैसलों से लगातार चौंका रही हैं मायावती
मायावती अपने फैसलों से लगतार चौंका रही हैं। राजनीति में परिवार को लेकर उनके निर्णय काफी उथल-पुथल वाले रहे हैं हाल ही में उन्होंने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को भी हटा दिया था। अब उन्होंने यह साफ कर दिया है कि उनके जीते जी कोई उनका उत्तराधिकारी नहीं होगा। साथ ही यह भी कहा है कि अब उनके भाई आनंद के बच्चों की शादी राजनीति से जुड़े परिवारों में नहीं होगी। बैठक के बाद बसपा की ओर से जारी प्रेस विजप्ति में मायावती की ओर से कहा गया है कि मेरे लिए पार्टी और मूवमेंट पहले है। भाई-बहन और उनके बच्चे और अन्य रिश्ते-नाते आदि बाद में हैं। जब तक मैं जिंदा रहूंगी तब तक अपनी आखिरी सांस तक भी अपनी पूरी ईमानदारी और निष्ठा से पार्टी को आगे बढ़ाने का हर संभव पूरा प्रयास करती रहूंगी।